Allahabad High Court :  90 दिन बाद भी डिफाल्ट जमानत को खारिज करना विधिक व मौलिक अधिकारों का हनन

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामले में जांच के लिए अधिकतम अवधि (90 दिन) समाप्त होने के बाद और आरोपपत्र दाखिल करने से पहले आरोपी की ओर से दाखिल डिफाल्ट जमानत अर्जी को खारिज करना विधिक और मौलिक दोनों अधिकारों का हनन है।

from Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | - Amar Ujala https://ift.tt/cmR1QIx

Comments

Popular posts from this blog

Mau News: पांच दिन पहले मुंबई से लौटे युवक की मौत, फंदे पर लटकता मिला शव, हड़कंप

आजम खान को लेकर अखिलेश यादव का बड़ा बयान,मुसलमानों में डर पैदा किया जा रहा

UPSSSC PET 2022: 18 सितंबर को है परीक्षा, मात्र 90 दिनों की तैयारी से खुलेगा सरकारी नौकरी का रास्ता, कटऑफ पार करने के लिए शुरू करनी होगी अभी से तैयारी